तू जो यूँ मुस्कुराने लगी है
तू जो यूँ मुस्कुराने लगी है,ज़िन्दगी मुझे हँसाने लगी है.कब से था मुझे इंतज़ारकब से था मैं बेकरारकब से ना […]
तू जो यूँ मुस्कुराने लगी है,ज़िन्दगी मुझे हँसाने लगी है.कब से था मुझे इंतज़ारकब से था मैं बेकरारकब से ना […]
तू दुआओं में नहीं,अब तू ही दुआ बन गई है.क्या रोज़ा, क्या सजदा, क्या इबादत करूँ खुदा की,एक काफ़िर को […]
आँखें सीख रही हैं मिलना,धीरे-धीरे, चुपके-चुपके!कलियाँ सीख रही हैं खिलना,धीरे-धीरे, चुपके-चुपके!रातों की सरगोशी में अबधुन कोई मीठी बजती हैदिन में […]
मौसम ज़रूर खिज़ा का है, पर इसमें तू और भी निखर चलता चल, के तू अकेला नहीं तेरे साथ कारवाँ […]
महिलाओं से परिचय के दौरान अक्सर एक सवाल पूछा जाता है – आप क्या करती हैं? जवाब में प्राय: दो […]
फ्री… मुफ़्त… नि:शुल्क… ये आकर्षक और लुभावने शब्द हमें अक्सर देखने, सुनने और पढ़ने में आते हैं. जैसे-जैसे बाज़ारीकरण और […]
जो बीत गया दिल उसको फिर क्यूँ याद करे, मैं जानूँ ना जो छूट गया है पीछे उसके भागे क्यूँ, […]
तू हर कदम पर साथ चलता है मेरे तू हर जगह संग साथ रहता है मेरे मैंने धूप में और […]
दो सेकंड… बस दो सेकंड… ये वक्त ही कितना होता है! पर दो सेकंड का ये छोटा सा टुकड़ा बहुत […]